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brokers का हिन्दी अर्थ

आपके इनपुट "brokers" की व्याख्या इस प्रकार की "broker".

broker के हिन्दी अर्थ

संज्ञा

broker शब्द रूप

broker की परिभाषाएं और अर्थ अंग्रेजी में

broker संज्ञा

  1. a businessman who buys or sells ब्रोकर प्रकार for another in exchange for a commission
पर्यायवाची

agent , factor , factor

अभिकर्ता , आढ़तिया , दलाल

broker क्रिया

  1. act as a broker

broker के समानार्थक शब्द

A broker is a person or firm who arranges transactions between a buyer and a seller for a commission when the deal is executed. A broker who also acts as a seller or as a buyer becomes a principal party to the deal. Neither role should be confused with that of an agent—one who acts on behalf of a principal party in a deal.

दलाल (broker) उस व्यक्ति या संस्था को कहते हैं जो क्रेता एवं विक्रेता के बीच सौदा तय कराने में मदद करता है। जब यह सौदा पक्का हो जाता है तो इसके बदले में दलाल को दलाली (commission) मिलती है।

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brokers का हिन्दी मतलब

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"brokers" के बारे में

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स्टॉक ब्रोकर (stock broker) क्या होता हैं? kaise bane in hindi

शेयर मार्केट , स्टॉक ब्रोकर , स्टॉक एक्सचेंज , सेंसेक्स , निफ़्टी इत्यादि ये सारे नाम आपने जरूर सुना होगा कम टाइम में इन्वेस्टमेंट के द्वारा अच्छी कमाई की चाहत रखने लोग अक्सर स्टॉक एक्सचेंज में निवेश करते हैं जिसे हम लोग आम भाषा में शेयर मार्केट कहते हैं। इन्वेस्टर और शेयर मार्केट इन दोनों के बीच जो काम करता है उसे हम स्टॉक ब्रोकर कहते हैं।

आज की इस पोस्ट में हम इसी के बारे में आपको शुरू से लेकर अंत तक सारी जानकारी देने वाले हैं यह जानकारी जानने के लिए इस पोस्ट को अंत तक पढ़ें।

Stock broker क्या है

स्टॉक ब्रोकर वह है जो investment karne wala और शेयर मार्केट दोनों के बीच काम करता है बिना stock broker के कोई भी इन्वेस्टर या निवेशक अपना ट्रेड शेयर मार्केट में नहीं डाल सकता है

इसलिए दोस्तों यदि आप स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करना चाहते हैं तो आपको डिमैट अकाउंट और एक ट्रेडिंग अकाउंट खोलना होता है और यह दोनों अकाउंट स्टॉक ब्रोकर द्वारा ही खोला जाता है

किसी भी इन्वेस्टर की buy या sell का आर्डर ब्रोकर ही स्टॉक एक्सचेंज के पास पहुंचाया जाता है

देखा जाए तो शेयर बाजार में दो तरह के स्टॉक ब्रोकर काम करते हैं पहले ब्रोकर को हम full service stock broker कहते हैं दूसरे ब्रोकर को हम discount stock broker तो आइए हम इन दोनों प्रकार के बारे में डिटेल से जानकारी देते हैं कि इनका क्या-क्या काम होता है।

full service stock broker क्या है?

यह स्टॉक ब्रोकर को सबसे बढ़िया ब्रोकर माना जाता है क्योंकि यह ब्रोकर अपने क्लाइंट को तरह-तरह की सुविधाएं प्रदान करते हैं जैसे शेयर कब खरीदे , शेयर कब बेचें मोबाइल , फोन पर ट्रेडिंग करने की सुविधा , ब्रोकर प्रकार आईपीओ में इन्वेस्ट की सुविधा इसके अलावा वह फूल टाइम कस्टमर सर्विस की सुविधा भी प्रदान करते हैं। इसके मद्देनजर देखा जाए तो इन स्टॉक ब्रोकर की फीस भी ज्यादा होती है क्योंकि यह फुल टाइम सर्विस प्रदान करते हैं।

आइए हम आपको कुछ पॉपुलर फुल सर्विस स्टॉक ब्रोकर के बारे में बताते हैं

discount stock broker क्या है?

यह स्टॉक ब्रोकर अपने क्लाइंट से कम फीस में स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करने की सुविधा प्रदान कर देते हैं क्योंकि यह अपने क्लाइंट को स्टॉक एडवाइजरी और रिसर्च फैसिलिटी इत्यादि जैसी सुविधाएं प्रदान नहीं करते फुल स्टॉक ब्रोकर की तरह इनका ज्यादा से ज्यादा काम ऑनलाइन ही होता है

आइए हम कुछ पॉपुलर डिस्काउंट स्टॉक ब्रोकर के बारे में आपको बताते हैं

  • ZERODHA
  • MASTER CAPITAL SERVICES LTD
  • SOUTH ASIAN STOCK LTD

Stock broker कैसे बने?

दोस्तों यदि आप भी एक स्टॉक ब्रोकर बनना चाहते हैं तो आपको फाइनेंशियल मार्केट का बहुत ही अच्छा ज्ञान होना आवश्यक है इसके साथ-साथ आपके पास स्टॉक ब्रोकर बनने के लिए तरह-तरह के परमिशन लेने पड़ते हैं तब जाकर आप एक स्टॉक ब्रोकर के रूप में लोगो को ट्रेडिंग करने की सुविधा प्रदान कर सकते हैं तथा अपनी कमाई कर सकते हैं।

वैसे देखा जाये तो स्टॉक ब्रोकर बनना आसान काम नहीं है इसके लिए आपको नॉलेज के साथ-साथ आपको तरह-तरह की चीजें होना आवश्यक है।

आईये हम आपको डिटेल में जानकारी देते है कि आप एक स्टॉक ब्रोकर किस प्रकार बन सकते हैं।

#1. स्टॉक ब्रोकर बनने वाले इच्छुक व्यक्ति को सबसे पहले Capital Market , Stock broking और निवेश संबंधित और भी अन्य सुविधाओं के बारे में कोर्स करना पड़ता है। भारत के कुछ प्रशिक्षण संस्थान में यह कोर्स कराए जाते हैं।

#2. जब यह कोर्स पूरा कर लेते हैं तो आपको किसी स्टॉक ब्रोकिंग कंपनी के साथ जुड़कर कम से कम 2 साल तक इस मार्केट का अनुभव लेना पड़ता है।

इसके बाद आपको स्टॉक ब्रोकर बनने के लिए सेबी के पास रजिस्ट्रेशन करना पड़ता है , NSE और BSE का मेंबरशिप लेना पड़ता है , डिपॉजिटरी की मेंबरशिप लेना पड़ता है और भी बहुत सारे काम होते हैं तो आइए इनके बारे में हम आपको डिटेल में बताते हैं

SEBI के साथ रजिस्ट्रेशन करें

स्टॉक ब्रोकर बनने के लिए आपको सर्वप्रथम SEBI के साथ रजिस्ट्रेशन करना पड़ता है जब आप SEBI पर रजिस्ट्रेशन करते हैं तो SEBI आपके बारे में पूरा रिसर्च करती है कि आपके पास ऑफिस है या नहीं और यह बिजनेस चलाने के लिए आपके पास जरूरी ब्रोकर प्रकार कागजात है या नहीं जब यह रजिस्ट्रेशन आपका पूरा हो जाता है तो आपको SEBI के द्वारा एक सर्टिफिकेट मिल जाता है।

NSE और BSE का मेंबरशिप लें

SEBI के द्वारा सर्टिफिकेट सर्टिफिकेट लेने के बाद अब बारी आती है आपको NSE और BSE का मेंबरशिप लेने आप मेंबरशिप फीस को देकर इनकी मेंबरशिप ले सकते हैं इसके साथ NSE और BSE के द्वारा सिक्योरिटी डिपॉजिट कराया जाता है तब जाकर आपको इनकी मेंबरशिप मिल जाती है।

इनकी मेंबरशिप लेने के लिए आपकी उम्र 21 वर्ष से ऊपर तक होनी चाहिए तथा आपके पास किसी स्टॉक एक्सचेंज के साथ काम करने का 2 साल का एक्सपीरियंस होना चाहिए।

Depository Membership लें

इसके साथ-साथ दोस्तों आपको डिपॉजिटरी का मेंबरशिप लेना पड़ता है इसका मेंबरशिप लेने के लिए आपको मेंबरशिप फीस तथा सिक्योरिटी फीस देनी होती है तब जाकर आपको डिपॉजिटरी मेंबरशिप मिलती ह

एक अच्छा ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर तथा मोबाइल ऐप बनवाएं

दोस्तों जब आप एक स्टॉकब्रोकर बन जाते हैं तो आपको एक अच्छा ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर तथा मोबाइल ऐप भी बनानी पड़ती है ताकि कस्टमर आपके तरफ अट्रैक्टिव हो तथा आपके सॉफ्टवेयर का मोबाइल है पर आकर ट्रेडिंग करें ताकि आपको फायदा हो इसके अलावा आपको इसकी एडवरटाइजिंग भी करनी होती है ताकि आपके सॉफ्टवेयर तथा मोबाइल ऐप को लोग जानें।

यह पूरा पोस्ट पढ़ने के बाद आप जानते होंगे दोस्तों के स्टॉक ब्रोकर बनने के काफी रजिस्ट्रेशन और बहुत सारे पैसे की आवश्यकता होती हैं

मैं आपको बता दो दोस्तों यदि आप एक स्टॉक ब्रोकर बनना चाहते हैं तो आपके पास कम से कम 4, 5 करोड़ रूपया होना चाहिए तब जाकर आप एक स्टॉक ब्रोकर बन सकते हैं

स्टॉक ब्रोकर बनने के बाद कमाई

स्टॉक ब्रोकर की कमाई कोई फिक्स कमाई नहीं होती है जितने कस्टमर आप से जुड़ेंगे आपको उतना ही फायदा होता है आपकी पूरी कमाई कस्टमर के ऊपर ही निर्भर करता है क्योंकि कस्टमर की ट्रेडिंग का जो tex लेते हैं वही आपकी कमाई होती हैं।

आशा करता हूं दोस्तों कि हमारे द्वारा लिखी हुई या पोस्ट आपको पसंद आई होगी तथा आपको इसके बारे में शुरू से लेकर अंत तक जानकारी मिली होगी यदि आपको यह पोस्ट पसंद आया है तो इसे अपने दोस्तों में शेयर करें तथा इसके संबंधित आपके पास कोई राय हो तो आप हमें कमेंट बॉक्स में दे सकते हैं।

स्टॉक ब्रोकर क्या होता है Stock broker meaning in hindi

stock broker meaning in hindi शेयर मार्किट में शेयर खरीदने और बेचने के लिए सेवाए प्रदान करने वाले व्यक्ति, संस्थाए या फर्म को स्टॉक ब्रोकर कहते है| ये व्यक्ति संस्थाए, या फर्म इसके लिए शुल्क वसूल करती है जिसे ब्रोकरेज कहा जाता है| ब्रोकर की रोजी रोटी ब्रोकरेज मतलब दलाली से चलती है|ब्रोकर क्या होता है और ब्रोकर किस प्रकार की सेवाए प्रदान करता है इनके बारे में हम विस्तार से जानने वाले है|

stock broker meaning in hindi आर्टिकल में आप जानेंगे की जब आप शेयर को खरीदने और बेचने के लिए कोई ब्रोकर प्रकार आर्डर प्लेस करते है तो वो शेयर मार्किट के पास पंहुचाने का काम कौन करता है| आपको शेयर खरीदने हो या म्यूच्यूअल फंड्स आपको ब्रोकर की जरुरत पड़ेगी| वो चाहे व्यक्ति हो संस्था हो या कोई ब्रोकर प्रकार फर्म हो.

आसान शब्दों में कहे तो आप के सौदों को शेयर मार्किट तक पंहुचाने का कार्य स्टॉक ब्रोकर करते है. stock broker in hindi आर्टिकल में अब हम डिटेल में जानते है|

stock broker meaning in hindi (स्टॉक ब्रोकर क्या होता है)

Table of Contents

शेयर मार्किट में शेयर खरीदने के लिए स्टॉक ब्रोकर एक माध्यम होता है| आप शेयर मार्किट से डायरेक्ट शेयर खरीद नहीं सकते| शेयर मार्किट से शेयर खरीदने के लिए आपके पास Demat Account और Trading Account होना चाहिए| डीमैट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट ओपन करने का काम ब्रोकर करते है| ये ब्रोकर NSDL और CDSL से जुड़े DP के साथ कनेक्टेड होते है|

शेयर मार्केट जब आप शेयर खरीदने और बेचने के लिए आर्डर प्लेस करते है तो ट्रेडिंग अकाउंट के जरिये ये ब्रोकर के पास जाता है और ब्रोकर के थ्रू ये आर्डर शेयर मार्किट के सर्वर पर पंहुचता है| आपके आर्डर को शेयर मार्किट तक पंहुचाने का काम ये ब्रोकर करते है|

ब्रोकर शेयर मार्किट की रीढ़ की हड्डी के समान है इनके बिना शेयर मार्किट को चलाना कठिन है| दुसरे शब्दों में कहे तो शेयर मार्किट के विकास में ब्रोकर्स का बड़ा योगदान है.

stock broker in hindi- ब्रोकर के प्रकार- Types of Broker

शेयर मार्किट में अलग अलग सेवाए प्रदान करने के आधार पर ब्रोकर के दो प्रकार होते है १. फुल टाइम ब्रोकर और २. डिस्काउंट ब्रोकर| अब हम फुल टाइम और डिस्काउंट ब्रोकर में क्या तफावत होता है इसके बारे में जानकारी देता हु.

फुल टाइम ब्रोकर:

फुल टाइम ब्रोकर शेयर मार्किट से जुडी सारी सेवाए प्रदान करते है| जैसे की डीमैट अकाउंट ओपन करना, ट्रेडिंग अकाउंट ओपन करना, शेयर मार्किट रिसर्च प्रदान करना आदि|

फुल टाइम ब्रोकर अपने कस्टमर को लगभग सारी सेवाए प्रदान करते है जो शेयर मार्किट के काम काज से जुडी हो| फुल टाइम ब्रोकर स्टॉक एडवायजरी सर्विस देते है जिनमे वो टेक्नीकल और फंडामेंटल मजबूत शेयर चुनके अपने कस्टमर को उन शेयर्स में निवेश करने की रणनीतिया साजा करते है|

शेयर खरीदी और बिकवाली का आर्डर तो ये लोग प्लेस करते ही है लेकिन निवेशक को किन शेयर्स में इन्वेस्ट करना चाहिए, कितनी समय अवधि के लिए इन्वेस्ट करना चाहिए और शेयर कब बेच देने चाहिए ये सारी सलाह ये ब्रोकर देते है|

IPO में निवेश करने और उससे जुडी सारी जानकारी और विश्लेषण ये अपने कस्टमर को पंहुचाते है| मार्जिन मनी की सुविधा भी ये ब्रोकर देते है| कई सारी सेवाए देने के कारण फुल टाइम ब्रोकर की ब्रोकरेज भी ज्यादा होती है|ये ब्रोकर मोबाइल एप पर भी कई फीचर कस्टमर को देते है| फुल टाइम ब्रोकर की हेल्पलाइन सर्विस भी बहुत अच्छी होती है|

Discount broker-डिस्काउंट ब्रोकर

डिस्काउंट ब्रोकर और फुल टाइम ब्रोकर में अंतर ये होता है की फुल टाइम ब्रोकर अपने रिसर्च और स्टॉक एडवायजरी अपने निवेशको तक पंहुचाते है|जब की डिस्काउंट ब्रोकर सिर्फ आपके शेयर की खरीदी और बिकवाली के आर्डर स्टॉक मार्किट तक पंहुचाने का काम करते है|

डिस्काउंट ब्रोकर की फीस फुल टाइम ब्रोकर के हिसाब से बहुत कम होती है| डिस्काउंट ब्रोकर किसी भी प्रकार की सलाह निवेशको नहीं देते है| किसी भी स्टॉक रिसर्च के बारे में कोई इन्फोरमेशन कस्टमर तक नहीं पंहुचाते है|

डिस्काउंट ब्रोकर सिर्फ आपके सौदों को मार्किट तक पंहुचाने का कार्य करते है, जिनके कारण ये ब्रोकर की ब्रोकरेज बहुत कम होती है जिनका फायदा कस्टमर्स को मिलता है.डिस्काउंट ब्रोकर की सबसे बड़ी विशेषता ये होती है की इनका सारा काम ऑनलाइन होता है. डीमैट अकाउंट ओपन करने से लेकर सारी प्रोसेस ऑनलाइन होती है. Zerodha भारत के प्रमुख डिस्काउंट ब्रोकर में से एक है.

फुल टाइम ब्रोकर और डिस्काउंट ब्रोकर लिस्ट

निष्कर्ष:

ब्रोकर क्या होता है और शेयर मार्किट में ब्रोकर का कितना योगदान होता है इन की जानकारी आप को मिल चुकी होगी| stock broker meaning in hindi आर्टिकल में आपको ये भी पता चल गया होगा की फुल टाइम ब्रोकर और डिस्काउंट ब्रोकर में क्या तफावत होता है|

आपको अब ये भी जानकारी मिल चुकी है की ये सारे ब्रोकर NSDL और CDSL से जुड़े DP (Depository Participant) के साथ कनेक्टेड होते है. टेक्निकल एनालिसिस और शेयर मार्किट से जुड़े अपडेट पाने के लिए हिन्दिसफ़र.नेट वेबसाइट को जरुर विजिट करे. धन्यवाद

एल्गो ट्रेडिंग सर्विस देने वाले ब्रोकर्स पर चला SEBI का चाबुक, नहीं दे सकेंगे अब पिछले और भविष्य के रिटर्न का हवाला

algo trading: सेबी ने ऐसे शेयर ब्रोकरों के लिये कुछ जिम्मेदारी तय की है. एल्गोरिदम ट्रेडिंग सेवाएं देने वाले ब्रोकरों Brokers) को पूर्व के या भविष्य के रिटर्न को लेकर कोई भी संदर्भ देने से मना किया गया है.

Algorithm Trading: पूंजी बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने बीते शुक्रवार को निवेशकों को एल्गो ट्रेडिंग से संबंधित सेवाएं (algo trading services) देने वाले ब्रोकरों Brokers) के लिए दिशानिर्देश जारी किए. इस पहल का मकसद हाई रिटर्न का दावा कर शेयर बिक्री पर रोक लगाना है. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने पाया कि कुछ शेयर ब्रोकर नियमन के ब्रोकर प्रकार दायरे से बाहर मंचों के जरिये एल्गोरिदम (एल्गो) आधारित कारोबार की सुविधा निवेशकों को दे रहे हैं. पीटीआई की खबर के मुताबिक, सेबी ने एक सर्कुलर में कहा कि ये प्लेटफॉर्म निवेशकों को कारोबार के स्वचालित निष्पादन के लिये एल्गोरिदम ट्रेडिंग (algo trading) सेवाएं या रणनीति उपलब्ध करा रहे हैं. नया नियम तत्काल प्रभाव से अमल में आ गया है(

शेयर ब्रोकरों के लिये जिम्मेदारी तय

खबर के मुताबिक, ऐसी सेवाओं और रणनीतियों को निवेश पर उच्च रिटर्न के ‘दावों’ के साथ मर्केटिंग किया जा रहा है. इसको देखते हुए सेबी ने ऐसे शेयर ब्रोकरों के लिये कुछ जिम्मेदारी तय की है. एल्गोरिदम ट्रेडिंग सेवाएं देने वाले ब्रोकरों Brokers) को पूर्व के या भविष्य के रिटर्न को लेकर कोई भी संदर्भ देने से मना किया गया है. साथ ही ऐसे किसी भी मंच से संबद्ध होने से प्रतिबंधित कर दिया गया है, जो एल्गोरिदम (algo trading) के पहले के या भविष्य के लाभ के बारे में कोई संदर्भ देता है.

इसमें कहा गया है कि जो शेयर ब्रोकर (stock broker) प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से एल्गोरिदम के पिछले या भविष्य के रिटर्न या प्रदर्शन के बारे में जानकारी देते हैं या इस प्रकार की जानकारी देने वाले प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं, वे सात दिन के भीतर उसे वेबसाइट से हटा देंगे और इस तरह के संदर्भ प्रदान करने वाले मंच से खुद को अलग कर लेंगे.

तब सेबी ने लगाई थी ब्रोकर्स पर पेनाल्टी

ब्रोकर्स के संगठन ANMI ने पिछले महीने शॉर्ट एलोकेशन पेनाल्टी के नियमों में रियायत की मांग की थी. ब्रोकर्स (Brokers) ने इसे लेकर कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI), BSE, NSE और दोनों एक्सचेंजेज के क्लीयरिंग कॉरपोरेशंस को चिट्ठी लिखी थी. इसमें मांग की गई कि शॉर्ट एलोकेशन के मामलों में पेनाल्टी से रियायत दी जाए. जो पेनाल्टी लगाई गई है उसे ब्रोकर्स को रीफंड किया जाए. साथ ही फाइनल फाइल एलोकेशन का समय रात 8 बजे से बढ़ाकर अगले दिन 12 बजे तक किया जाए.

‘सिर्फ मजे के लिए था’- शेयर बाजार में गिरावट के लिए ‘काला जादू’ का इस्तेमाल करने से गुजरात के ब्रोकर का इंकार

स्टॉकब्रोकर मिनिश पटेल ने अपने सभी 12 लाख सब्सक्राइबर्स को भेजे गए टेलीग्राम संदेश में दावा किया था कि उन्होंने पिछले हफ्ते शेयर बाजार में गिरावट लाने के लिए 'काले जादू' पर 8.5 करोड़ रुपये खर्च किए थे.

The signage of Minish Patel's business | Photo: Telegram

मुंबई: राजकोट के एक स्टॉकब्रोकर (शेयर बाजार के दलाल) और विश्लेषक, जो उस वक्त सबकी आलोचना का विषय बन गए थे जब उन्होंने यह दावा किया था कि उन्होंने पिछले हफ्ते शेयर बाजार में गिरावट लाने के लिए ‘काले जादू’ का इस्तेमाल किया था. उन्होंने अब यह स्पष्ट किया है कि वह सिर्फ मजाक कर रहे थे.

मिनिश पटेल, जिनके टेलीग्राम नाम के सोशल मिडिया प्लेटफार्म पर लगभग 12 लाख सब्सक्राइबर्स हैं, ने इस मंगलवार एक बयान जारी कर दावा किया कि वह ‘कुछ समाचार माध्यमों द्वारा घोर गैर-जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग से हैरान और स्तब्ध हैं’. उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका काला जादू वाला संदेश ‘हल्के फुल्के अंदाज में’ और ‘हास्य के शुद्ध इरादे से’ दिखाया गया था’.

टेलीग्राम पर अपने 12 मई के संदेश में, जिसे दिप्रिंट द्वारा देखे जाने की कोशिश करते समय तक हटा दिया गया था, पटेल ने कथित तौर पर अपने सब्सक्राइबर्स से कहा था: ‘आज आई गिरावट और बाजार में पिछले कुछ दिनों की गिरावट के लिए भी काफी हद तक हम ही जिम्मेदार हैं. आपको विश्वास तो नहीं होगा लेकिन हमने आज काला जादू के ऊपर 8.5 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर बाजार में दहशत पैदा कर दी है.’

अपने स्पष्टीकरण में, पटेल ने इस बारे में शिकायत की कि उनके द्वारा ‘साफ रूप से ‘फॉर फन’ (मज़े के लिए) लिखे जाने के बावजूद कई लोगों ने इस संदेश को ‘गंभीरता से’ ले लिया.

लेकिन अब भी, बाजार के कई विशेषज्ञ खुश नहीं हैं.

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मुंबई के एक शेयर बाजार विश्लेषक ने उनका नाम न छापने की शर्त पर कहा, ‘खुदरा निवेशकों वाली श्रेणी में बहुत से ऐसे भोले-भाले लोग हैं जो ऐसी चीजों के शिकार हो सकते हैं और घाटा उठाते हुए भी शेयर बाजार से बाहर निकल सकते हैं. यह बिल्कुल भी सही नहीं है और सेबी (शेयर बजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड- मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) को इसकी जांच करनी चाहिए.’

अपने चैनल पर पटेल खुद को सेबी में पंजीकृत एक रिसर्च एनालिस्ट (शोध विश्लेषक) बताते हैं जिसके पास 27 साल का अनुभव है. वह ‘पटेल वेल्थ एडवाइजर्स’ के मालिक भी हैं, जो विभिन्न प्रकार की वित्तीय सलाहकार सेवाएं प्रदान करता है.

दिप्रिंट ने इस बारे में टिप्पणी के लिए ई-मेल के माध्यम से सेबी से संपर्क किया है. प्रतिक्रिया मिलने के बाद इस खबर को अपडेट कर दिया जाएगा.

जब दिप्रिंट ने पटेल को टिप्पणी के लिए मैसेज किया, तो उनके एक करीबी सूत्र ने नाम न छापने का अनुरोध करते हुए जवाब दिया और कहा कि मीडिया में केवल ‘आधा-सच’ ही पेश किया जाता है.

पटेल के सहयोगी ने कहा, ‘यह पहली बार नहीं है जब हमने अपने चैनल पर कोई मजाक किया है. शेयर बाजार एक ऐसी जगह है जहां लोग बेहद तनावग्रस्त और थके हुए हो सकते हैं और सभी को तरोताजा होने की जरूरत होती है.’

‘ऐसी मूर्खतापूर्ण टिप्पणी नहीं करनी चाहिए’

टेलीग्राम पर पोस्ट किये गए अपने स्पष्टीकरण वाले संदेश में पटेल ने दावा किया कि उनकी यह ‘मजेदार’ टिप्पणी उनके चैनल पर ग्राहकों द्वारा बार-बार पूछे जाने वाले इन प्रश्नों के बाद की गई थी कि वह बाजार की इतनी सटीक भविष्यवाणी कैसे कर लेते हैं और क्या उनके पास उनकी मदद करने के लिए किसी प्रकार का सॉफ्टवेयर है या नहीं.

पटेल ने अपने संदेश, जिसे दिप्रिंट ने भी देखा है, में कहा, ‘मैं इस सब से थक गया था क्योंकि वे मेरे अनुभव और स्क्रीन को पढ़ने के मेरे कौशल पर विश्वास नहीं कर रहे थे. इसलिए इस तरह के सवाल से बचने के लिए मैंने चैनल में सभी के मनोरंजन के इरादे से सब के लिए एक आम संदेश दे दिया कि ‘मैं बाजार की भविष्यवाणी के लिए काले जादू का उपयोग करता हूं.’

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं अंधविश्वास अथवा काला जादू में यकीन नहीं करता. बाजार में किसी के द्वारा भी हेरफेर नहीं किया जा सकता है, यह पूरी तरह से जनता पर निर्भर है कि वे बाजार को कैसे देखते हैं. इसे विशुद्ध रूप से हास्य के इरादे से दिखाया गया था.’

हालांकि, पहले उद्धृत किये गए मुंबई के स्टॉकब्रोकर ने कहा, ‘जब हजारों करोड़ की पूंजी का सवाल हो तो ऐसी मूर्खतापूर्ण टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. यह एक बहुत ही गंभीर कारोबार है.’

शेयर बाजर में आम तौर पर बने गंभीर परिदृश्य के वजह से भी यह मजाक बेमजा हो गया.

पिछले एक महीने में दुनिया भर के शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई है. रूस-यूक्रेन युद्ध और इसके नतीजतन बाजार में आये व्यवधान जैसे वैश्विक कारकों ने भारत को भी प्रभावित किया है.

इस महीने, पटेल के 12 मई के काले जादू वाले दावे से पहले के दिनों में निफ्टी-50 का सूचकांक लगभग 1,300 अंक यानि कि 8 प्रतिशत गिर गया था, जबकि बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) 7 प्रतिशत नीचे चला गया था.

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