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मनी मार्केट म्युचुअल फंड

मनी मार्केट म्युचुअल फंड
लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस (LTCG) तब बनती हैं, जब आप तीन साल या उससे अधिक समय तक निवेशित करते हैं। एसटीसीजी मनी मार्केट फंड से आपकी आय में जुड़ जाता है और आपकी आय स्लैब के अनुसार कर लगाया जाता है। यही आप फंड को 3 साल से ज्यादा रखते हैं तो इंडेक्सेशन के बाद मनी मार्केट फंड्स में LTCG पर 20% की दर से टैक्स लगता है।

मनी मार्केट म्यूचुअल फंड क्या है ?

मनी मार्केट म्यूचुअल फंड शॉर्ट-रन लिक्विड इन्वेस्टमेंट (MMMF) हैं, जो उच्च गुणवत्ता वाले मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं। यह निवेशकों को एक वर्ष तक की अच्छी तरलता के साथ उचित रिटर्न प्रदान करते है।

मुद्रा बाजार के म्यूचुअल फंड (MMMF) का उपयोग कम जरूरतों पड़ने वाली नकदी को प्रबंधित करने के लिए किया जाता है। यह डेब्ट फंड श्रेणी में एक ओपन एंडेड स्कीम होती है, जो केवल नकद या नकद समकक्षों में डील करती है। इन प्रतिभूतियों में एक वर्ष की औसत परिपक्वता होती है; इसीलिए इन्हें मुद्रा बाजार का साधन कहा जाता है।

फंड मैनेजर उच्च गुणवत्ता वाले तरल उपकरणों जैसे ट्रेजरी बिल्स (टी-बिल्स), रेपरचेज अग्रीमेंट्स (रिपोज), कमर्शियल पेपर्स और डिपॉजिट्स सर्टिफिकेट में निवेश करते है। इस फंड का उद्देश्य अनइथल्डर्स (Unitholders) के लिए ब्याज अर्जित करना होता है। फंड का मुख्य उद्देश्य नेट एसेट वैल्यू (एनएवी) में उतार-चढ़ाव को न्यूनतम रखना होता है।

मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स के प्रकार

एक निवेशक के रूप में, आपको निम्नलिखित मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स के बारे में जानना ज़रूरी होता हैं :

जमा प्रमाणपत्र (सीडी)

ये फिक्स्ड डिपॉजिट अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों द्वारा जमा की जाती है। एफडी और सीडी के बीच एकमात्र अंतर यह होता है, कि आप ये जमा समय अवधि समाप्त होने से पहले सीडी को वापस नहीं ले सकते।

वाणिज्यिक पत्र (सीपी)

ये कंपनियों और अन्य वित्तीय संस्थानों द्वारा जारी किए जाते हैं, जिनकी क्रेडिट रेटिंग उच्च होती है। इन्हें प्रॉमिसरी नोट्स के रूप में भी जाना जाता है, वाणिज्यिक पत्र असुरक्षित उपकरण होते हैं, जिन्हें रियायती दर पर जारी किया जाता है और अंकित मूल्य पर भुनाया जाता है। अंतर निवेशक द्वारा अर्जित रिटर्न है।

ट्रेजरी बिल (टी-बिल)

टी-बिल भारत सरकार द्वारा 365 दिनों तक के शॉर्ट-टर्म धन जुटाने के लिए जारी किए जाते हैं। सरकार की गारंटी के रूप में ये सबसे सुरक्षित साधन माने जाते हैं। रिटर्न की दर, जिसे जोखिम-मुक्त दर के रूप में भी जाना जाता है, अन्य सभी साधनों की तुलना में टी-बिल पर कम होता है।

मनी मार्केट म्यूचुअल फंड में किसे निवेश करना चाहिए?

मनी मार्केट फंड मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स के एक विविध प्रकार के पोर्टफोलियो को बनाए रखने के माध्यम से शॉर्ट-टर्म आय का उच्चतम स्तर प्रदान करता है। एक वर्ष तक के छोटे निवेश क्षितिज (horizon) वाले निवेशक इन फंडों में निवेश कर सकते हैं।

बचत बैंक खाते में अधिशेष नकद और कम जोखिम श्रमता वाले निवेशक मनी मार्केट फंड में निवेश करते हैं। ये फंड आपको बचत बैंक खाते की तुलना में अधिक रिटर्न देंते हैं। इसमें निवेशक कॉर्पोरेट होने के साथ-साथ खुदरा निवेशक भी हो सकते हैं।

हालाँकि, यदि आपके पास मध्यम मनी मार्केट म्युचुअल फंड से लंबी अवधि का निवेश क्षितिज (horizon) है, तो मुद्रा बाजार निधि एक आदर्श विकल्प नहीं होगा। इसके बजाय, आप डायनेमिक बॉन्ड फंड या संतुलित फंड को चुन सकते हैं, जो आपको अपेक्षाकृत अधिक रिटर्न देता है।

एक निवेशक के रूप में विचार करने के लिए मुख्य बाते

ये फंड ब्याज दर जोखिम, क्रेडिट जोखिम और पुनर्निवेश जोखिम से ग्रस्त (Suffer) होते हैं। फंड मैनेजर उन जोखिम वाली प्रतिभूतियों में निवेश करता है जिनमें डिफ़ॉल्ट की संभावना बहुत कम या ना के बराबर होती है।

रिटर्न

मनी मार्केट फंड आपको बचत खाते की तुलना में अधिक लाभ प्रदान करता है। हालांकि, गारंटीड रिटर्न नहीं होता हैं। नेट एसेट वैल्यू (एनएवी) समग्र ब्याज दर शासन में बदलाव के साथ उतार-चढ़ाव करता है। ब्याज दरों में गिरावट से एक अंतर्निहित (Inherent) परिसंपत्ति की कीमतें बढ़ जाती हैं और अच्छे रिटर्न दे सकती हैं।

व्यय अनुपात से तात्पर्य आपके पोर्टफोलियो के प्रबंधन के लिए मनी मार्केट फंड्स द्वारा ली जाने वाली फीस से होता है। हाल ही में सेबी ने अधिकतम सीमा 1.05% निर्धारित की थी। एक आदर्श कोष वह होता है जो अपने व्यय अनुपात को निम्न स्तर पर रखता है। जैसे ही प्रबंधन (एयूएम) के तहत परिसंपत्तियां बढ़ती हैं, और योजना परिचालन की लागत को कम करती है।

क्या है मनी मार्केट म्यूचुअल फंड, कम समय में देता है मोटी कमाई करने का मौका

क्या है मनी मार्केट म्यूचुअल फंड, कम समय में देता है मोटी कमाई करने का मौका

TV9 Bharatvarsh | Edited By: सुनील चौरसिया

Updated on: Apr 02, 2022 | 6:30 AM

हिमांशु दिल्‍ली रहते हैं और एक बिजनेसमैन (Businessman) हैं. उनके पास हर दिन भारी नकदी आती है. रोजाना कामकाज की जरूरत के बाद भी उनके पास अच्छी-खासी नकदी बची रहती है. हिमांशु इस पैसे को करेंट और सेविंग्स खातों (Savings Account) में डाल देते हैं. अक्सर ये पैसा दो-तीन महीने तक ऐसे ही पड़ा रहता है. कारोबारी होने के बावजूद हिमांशु इस पैसे से कमाई नहीं कर पाते हैं. कहने का सीधा मतलब है कि ये पैसा दो-तीन महीने तक बेकार ही पड़ा रहता है. यही चीज हिमांशु को बहुत खलने लगती है. तो ऐसे में हिमांशु को क्या करना चाहिए? क्या कोई ऐसा ठिकाना है जहां शॉर्ट-टर्म के लिए वे पैसा लगाएं और कुछ मुनाफा कमा सकें. साथ ही जरूरत के वक्त यही पैसा कारोबार में इस्तेमाल भी हो जाए. हिमांशु और मनी मार्केट म्युचुअल फंड ऐसे ही तमाम दूसरे लोगों के लिए एक ऑप्शन है.

ये है मनी मार्केट म्यूचुअल फंड

अब हिमांशु के मन में सवाल आ रहा है कि आखिर ये मनी मार्केट म्यूचुअल फंड क्या होते हैं? असल में ये फंड मनी मार्केट सिक्योरिटीज में पैसा लगाते हैं. यानी मनी मार्केट फंड डेट कैटेगरी में आते हैं. ये प्लान ऐसे इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं जिनकी मैच्योरिटी अधिकतम 1 साल होती है. साथ ही ये ऊंची रेटिंग वाले भी होते हैं. तो इनमें कौन से इंस्ट्रूमेंट्स आते हैं? ये फंड ट्रेजरी बिल, सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट, कॉमर्शि‍यल पेपर, रीपरचेज एग्रीमेंट में पैसा लगाते हैं.

हिमांशु सोच रहे हैं कि इतनी बात तो समझ आ गई. लेकिन बाकी डिटेल्स क्या हैं? तो भाई आप इन फंड में कम से कम एक हफ्ते के लिए भी पैसा लगा सकते हैं. लेकिन, जोखिम कितना है? इन फंड में पूंजी पूरी तरह से बचे रहने की गारंटी तो नहीं होती, लेकिन ये ज्‍यादातर रिस्क फ्री इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं.मनी मार्केट मनी मार्केट म्युचुअल फंड म्यूचुअल फंडों के बारे में ये 5 बातें जान लें, होगा फायदा

क्‍या बनाता है अलग?

डेट म्‍यूचुअल फंडों की कई कैटेगरी हैं. मनी मार्केट म्‍यूचुअल फंड उनमें से एक है. ये स्‍कीमें उन लोगों के लिए मुफीद होती हैं जो अपने निवेश के साथ बहुत कम जोखिम लेना चाहते हैं. चूंकि ये स्‍कीमें छोटी अवधि के इंस्‍ट्रूमेंट में पैसा लगाती हैं. इसलिए इन पर अर्थव्‍यवस्‍था में मनी मार्केट म्युचुअल फंड ब्‍याज दर में होने वाले बदलाव का ज्‍यादा असर नहीं पड़ता है. मनी मार्केट इंस्‍ट्रूमेंट के साथ कम जोखिम होने के कारण भी इनमें निवेश अपेक्षाकृत सुरक्षित होता है. आइए, यहां इनके बारे में कुछ जरूरी बातों को जानते हैं.

क्या होते हैं Money Market Fund? कौन कर सकता है इन्वेस्ट- जानिए रिटर्न से लेकर सभी बेनिफिट्स

What is Money Market Fund: मनी मार्केट फंड में 91 दिन या फिर उससे कम समय के लिए इन्वेस्टमेंट की शुरुआत कर सकते हैं. ऐसी इन्वेस्टमेंट्स 1 साल से भी कम समय में मैच्योर हो जाते हैं.

What is Money Market Fund: अगर आपको अच्छा रिटर्न चाहिए और सिर्फ एक साल के लिए इन्वेस्टमेंट करनी है, तो आपके लिए मनी मार्केट फंड बेस्ट ऑप्शन है.(Investment Planning) मनी मार्केट फंड Mutual Fund की एक कैटेरगी है. इसे लिक्विड फंड भी कहा जाता है. इसमें कंपनी इन्वेस्टर्स से लिया हुआ पैसा सेफ और शॉर्ट-टर्म स्कीम में लगाती है. इसमें Treasery Bill, सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट, कमर्शियल पेपर से लेकर रीपर्चेज एग्रीमेंट शामिल हैं. आइए जानते हैं इसका पूरा प्रोसेस.

कौन कर सकते हैं इन्वेस्ट

  • शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट पर मिलता है अच्छा रिटर्न
  • एक साल के लिए कर सकते हैं निवेश
  • कम जोखिम पर मिलता है हायर रिटर्न
  • सेविंग अकाउंट के मुकाबले मिलता है ज्यादा रिटर्न
  • लिक्विड फंड में मिलता है 8-10% सालाना की दर से अधिक ब्याज
  • Liquid Fund के अंदर आने वाले निवेश का ज्यादातर हिस्सा सरकारी सिक्योरिटीज और बॉन्ड्स में जाता है
  • लंबे समय के लिए मार्केट फंड में निवेश नहीं है बेहतर ऑप्शन
  • लंबे समय के लिए Dynamic bond Fund और balance fund का कर सकते हैं इस्तेमाल

अगर आप मनी मार्केट म्युचुअल फंड इसमें निवेश करते हैं, तो आपको इसमें सबसे अच्छा फायदा ये मिलेगा कि आपका यहां पैसा हमेशा सुरक्षित रहेगा और रिटर्न भी अच्छा मिलेगा. इन्वेस्टर्स इसमें कम समय के लिए इन्वेस्ट कर सकते हैं. साथ ही निवेश किया हुआ पैसा कभी भी निकाल सकते हैं.

Money Market Fund: जानते हैं आप, क्या होता है मनी मार्केट फंड?

आइए समझते हैं मनी मार्केट का फंडा

आइए समझते हैं मनी मार्केट का फंडा

  • जो निवेशक कम जोखिम चाहते हैं, उनके बीच मनी मार्केट फंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है
  • मनी मनी मार्केट म्युचुअल फंड मार्केट वित्तीय बाजार का ही हिस्सा है, जहां बेहद शार्ट टर्म के इंस्ट्रुमेंट में डीलिंग होती है
  • मनी मार्केट के इंस्ट्रुमेंट की परिपक्वता अवधि एक साल से कम की होती है
  1. मनी मार्केट फंड में निवेश की अवधि क्या हो?
    मनी मार्केट फंड अन्य सभी डेट योजनाओ में यह घोषि‍त लक्ष्य रखते हैं कि वे प्राथमिक रूप से मनी मार्केट साधनों में निवेश करेंगे। फंड मैनेजर एक साल तक की परिपक्वता अवधि‍ वाले साधनों में निवेश का लचीलापन रखते हैं, यह प्रचलित बाजार दर और क्रेडिट स्प्रेड के माहौल पर निर्भर करता है। अब चूंकि ये साधन एक साल तक की परिपक्वता वाले साधनों में निवेश करते हैं, इसलिए आपको इन फंडों के लिए न्यूनतम एक साल की निवेश अवधि‍ रखनी चाहिए।
  2. प्राथमिक रूप से मनी मार्केट साधनों में निवेश करने वाले म्यूचुअल फंड कौन हैं?
    सभी डेट म्यूचुअल फंड मनी मार्केट साधनों में निवेश करते हैं, लेकिन कुछ श्रेणी के डेट म्यूचुअल फंड प्राथमिक रूप से मनी मार्केट साधनों में निवेश करते हैं। ओवरनाइट फंड: ये फंड ऐसे साधनों में निवेश करते हैं जो कि एक रात भर में परिपक्व हो जाते हैं।लिक्विड फंड: लिक्व‍िड फंड ऐसे साधनों में निवेश करते हैं जो कि 91 दिन से कम में परिपक्व हो जाते हैं।अल्ट्रा-शॉर्ट ड्यूरेशन फंड: ये फंड ऐसे साधनों में निवेश करते हैं, जिससे उनके पोर्टफोलियो की अवधि‍ 3 से 6 महीने रहती है।मनी मार्केट फंड: ये फंड ऐसे साधनों में निवेश करते हैं जिनकी परिपक्वता अवधि‍ एक साल तक होती है।
  3. मनी मार्केट फंडों में क्यों निवेश करें?
    उच्च तरलता - इनमें निहित साधनों की परिपक्वता अवधि‍ बहुत कम होती है। ये फंड आमतौर पर एग्जिट लोड चार्ज नहीं करते।ब्याज दर से जुड़ा जोखिम कम- मनी मार्केट साधनों में लंबी अवधि‍ के साधनों की तुलना में ब्याज दर की संवदेनशीलता (जोखि‍म) कम होती है।ओवरनाइट और लिक्व‍िड फंडों के मुकाबले ऊंचा यील्ड -मनी मार्केट फंडों का यील्ड मनी मार्केट म्युचुअल फंड ओवरनाइट और लिक्विड फंडों के मुकाबले ज्यादा होता है।मौजूदा हालत में शॉर्ट टर्म निवेश के लिए उपयुक्त- कमोडिटी की कीमतों में अनिश्चितता की वजह से महंगाई की दिशा अनिश्चित ही रहती है। इसलिए लांग टर्म के यील्ड आगे और सख्त हो सकते हैं। लेकिन एक दिन से एक साल के भीतर के यील्ड तुलनात्मक रूप से कम जोखि‍म वाले और कम स्थायित्व वाले होते हैं।
  4. एसेट के आवंटन में मनी मार्केट फंड की भूमिका
    अपने फिक्स्ड इनकम वाले साधनों की विविधता के लिए आपको विभिन्न पोर्टफोलियो के सभी तरह के डेट फंडों में विवेकपूर्ण तरीके से एसेट आवंटन करना होगा। अलग-अलग अवधि‍ में आवंटन आपके जोखिम प्रोफाइल और वित्तीय लक्ष्य पर निर्भर करेगा - शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म। मनी मार्केट फंड शॉर्ट टर्म के वित्तीय लक्ष्यों के लिए उपयुक्त होते हैं जैसे एक या दो साल की अवधि। कम जोखिम चाहने वाले निवेशक भी लंबी निवेश अवधि‍ के साथ ऐसे फंडों में निवेश कर सकते हैं। निवेशक किसी मनी मार्केट फंड में सिस्टमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान (SIP) द्वारा भी निवेश कर सकते हैं। एसआईपी द्वारा निवेश करने से आपको अपनी खरीद मूल्य को मनी मार्केट म्युचुअल फंड औसत करने (रूपी कॉस्ट एवरेजिंग) के लिए एनएवी में उतार-चढ़ाव का फायदा भी मिलता है।
  5. मनी मार्केट फंड में निवेश करने से पहले किन बातों पर गौर करें?
    आपको हमेशा अपनी जोखिम ले सकने की क्षमता और वित्तीय जरूरतों के लिहाज से निवेश करना चाहिए। मनी मार्केट फंड ऐसे निवेशकों के लिए उपयुक्त हैं जो थोड़ा कम जोखि‍म चाहते हैं। इसमें निवेश करते समय निवेशकों को रिटर्न के बारे में तार्किक उम्मीदें ही रखनी चाहिए। वैसे तो ये फंड तुलनात्मक रूप से ब्याज दरों की कम जोखि‍म वाले होते हैं, लेकिन ब्याज दर की हालत के हिसाब से कुछ उतार-चढ़ाव हो सकता है। निवेशकों को किसी योजना की अवधि‍ प्रोफाइल को देखना चाहिए और अपनी जोखि‍म लेने की क्षमता के आधार पर निवेश करना चाहिए।
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