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व्यापारियों को जीएसटी से लाभ

व्यापारियों को जीएसटी से लाभ
जीएसटी नियम से पहले एक सर्विस प्रदाता ने 50,000 रुपये की सेवा की पेशकश की और 15% सेवा कर (50,000 रुपए * 15% = 7,500 रुपए) लगाया। फिर कहते हैं, वह रुपये के लिए कार्यालय की आपूर्ति 20,000 रूपए में खरीदेगा। तो भुगतान पर 5% वैट कर (20,000 रुपये व्यापारियों को जीएसटी से लाभ 5% = 1,000 रुपये)। उन्हें, पहले से ही भुगतान किए गए 1,000 रूपए वैट की कटौती के बिना स्टेशनरी पर 7,500 रूपए का आउटपुट भुगतान करना पड़ा। तो, उनका कुल देय 8,500 रुपये है।

बैठक में जीएसटी के बारे में बताया गया।

GST क्या है? जीएसटी के लाभ और चुनौतियां, यहां समझें आसान भाषा में

GST क्या है? जीएसटी के लाभ और चुनौतियां, यहां समझें आसान भाषा में

जीएसटी क्या है? GST in Hindi: भारत में कर प्रणाली (tax system) बहुत व्यापारियों को जीएसटी से लाभ प्राचीन है। पहले के समय में राजा-महाराजा भी अपने राज्य को चलाने के लिए जनता पर कर लगाती थी। आज के समय व्यापारियों को जीएसटी से लाभ में सरकारें भी जनता व अन्य चीजों पर टैक्स लगाती है। आज के समय में जीएसटी (GST) भी एक प्रकार का टैक्स है।

अतः आज हम द रुरल इंडिया के इस लेख में बात करने वाले हैं जीएसटी की। GST यानी गुड्स एंड सर्विस टैक्स ।

वस्तु एवं सेवा कर (GST)क्या है?

वस्तु एवं सेवा कर एक अप्रत्यक्ष कर है। इस टैक्स के माध्यम से भारत में व्यापार करने में आसानी हो गई है। उद्योग जीएसटी के कारण रसद और आपूर्ति श्रृंखला में आप पर्याप्त बचत कर सकते हैं।

आपको बता दें, सेवा कर अधिनियम 29 मार्च 2017 को संसद में पारित किया गया था। यह अधिनियम 1 जुलाई 2017 को लागू हुआ था।

जीएसटी के प्रकार (types of GST)

जीएसटी के तीन प्रकार हैं:

CGST (केंद्रीय माल एवं सेवा कर)

SGST (राज्य वस्तु एवं सेवा कर)

UTGST (केंद्र शासित प्रदेश माल एवं सेवा कर)

पुराने टैक्स व्यवस्था में टैक्स मकड़जाल की तरह फैला हुआ था एक ही चीजों पर कई बार टैक्स भरना होता था कई बार कई सामानों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क यानी Additional Excise Duty भी लगता था। यही सामान अगर एक राज्य से दूसरे राज्य में जा रहा है तो राज्य में घुसते ही Entry Tax लगता था। इसके बाद जगह-जगह चुंगियां अलग से। जब सामान बिकने की बारी आई तो Sales Tax यानी VAT लगता था। सामान अगर विलासिता से जुड़ा है तो लग्जरी टैक्स अलग से। होटलों या रेस्टोरेंट आदि में वह सामान उपलब्ध कराया जा रहा हो तो सर्विस टैक्स लगता है।मतलब यह कि ग्राहक के हाथों में पहुंचने से पहले सामान कई करों से होकर गुजरती थी। यही कारण है जिससे जीएसटी लाने की स्थिति बनीं।

जीएसटी से लाभ (Benefits of GST)

छोटे उद्योगपति भी अगर कोई बिजनेस को मार्केट में लाना चाहते हैं तो मैं भी जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवाना होगा तो, आइए जानते हैं जीएसटी से जुड़े लाभ के बारे में।

जीएसटी एक ऐसा कर है, जिसने भारत को एकत्रित आम बाजार बन दिया है। जो केवल मूल्य बढ़ने पर लगाया जाता है। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) की शुरूआत ने कई फायदे लाए हैं।

इसकी शुरुआत के बाद भारत में करदाताओं ने जीएसटी के लाभ और हानि देखे हैं। तो पहले बात करते हैं कि इससे लाभ क्या है

1 . कैस्केडिंग (व्यापक) प्रभाव को समाप्त करना

जीएसटी लाभ के अंतर्गत सर्वप्रथम भारत से कैस्केडिंग (व्यापक) प्रभाव को समाप्त करना था क्योकि वैट ने ग्राहकों के लिए वस्तुओं और सेवाओं को बहुत अधिक महंगा बना दिया था। जिस से छुटकारा पाने के लिए जीएसटी को एक कर के रूप में तैयार किया गया। जिससे अन्य करों का प्रभाव समाप्त हो गया।

नगर पालिका में GST विभाग ने चलाया जागरूकता अभियान: व्यापारियों के साथ की बैठक, लगाया रजिस्ट्रेशन कैंप; बताए गए जीएसटी के लाभ

प्रदेश में पंजीकृत व्यापारियों को पंजीयन की श्रेणी में लाने को लेकर राज्य GST विभाग पंजीयन जागरूक अभियान चला रहा है। मंगलवार को शमशाबाद नगर पालिका परिसर में मीटिंग हॉल में GST अधिकारियों ने व्यापारियों के साथ मीटिंग की। इसमें व्यापारियों को GST रजिस्ट्रेशन कराने को लेकर जागरूक किया गया। बैठक में बड़ी संख्या में कस्बे के व्यापारी और सभासदों ने भाग लिया।

व्यापारियों के साथ जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने की बैठक।

व्यापारियों को बताए जीएसटी के लाभ

व्यापारियों को बताए जीएसटी के लाभ

वाणिज्य कर विभाग द्वारा बुधवार को कार्यालय में एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में व्यापारियों को जीएसटी पंजीकरण से संबंधित लाभ के बारे में जानकारी दी गई। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि व्यापारियों को बिना प्रीमियम के 10 लाख का दुर्घटना बीमा होता है। पंजीयन के बाद देशभर में कहीं भी ई-वे बिल से माल की आपूर्ति की जा सकती है। इस मौके पर उपायुक्त रामश्रय प्रसाद, सुरेश कुमार वर्मा, प्रधान सहायक रामेश्वर दयाल, बिजेन्द्र सिंह और व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी दीपू गर्ग, पंकज अग्रवाल रहे।

व्यापारियों को गिनाए जीएसटी पंजीकरण के लाभ

व्यापारियों को गिनाए जीएसटी पंजीकरण के लाभ

जागरण संवाददाता, एटा: सोमवार को आयोजित हुए वाणिज्यकर विभाग व्यापारियों को जीएसटी से लाभ के जीएसटी पंजीकरण जागरूकता शिविर में अधिकारियों ने व्यापारियों को पंजीयन से होने वाले लाभों की जानकारी दी। वहीं व्यापारियों व अधिवक्ताओं ने अधिकारियों से प्रक्रिया पर विचार मंथन किया।

वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर खंड 3 अभिषेक प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार व्यापारियों को सुरक्षा और सहायता देने के लिए तत्पर है। ऐसे में जीएसटी पंजीकरण होने की अवस्था में व्यापारी सरकार की विभिन्न योजनाओं में भागीदार बनेंगे। उन्होंने व्यापारियों को पंजीयन से होने वाले लाभों के बारे में बताया। शिविर में व्यापारियों के साथ अधिवक्ताओं ने अधिकारियों के पंजीकरण की प्रक्रिया के साथ मिलने वाले लाभों पर विचार किया तथा अपनी जिज्ञासाओं का समाधान पाया। तीन व्यापारियों ने मौके पर ही अपनी फर्म का पंजीकरण कराया। शिविर में असिस्टेंट कमिश्रर हरिकेश सिंह, असिस्टेंट कमिश्नर दिनेश चंद्र शुक्ला, वाणिज्य कर अधिकारी अरुण अग्रवाल, सुन्नेश कुमार जैन, धीरेंद्र दीक्षित, चिराग जैन आदि अधिवक्ता, जगदीश किशोर यादव, नीरज गुप्ता, रजत जैन, अतुल राठी समेत काफी व्यापारी मौजूद थे। अब नगर पालिका में आयोजित होगा नगरीय समाधान दिवस: तहसील और थाने पर होने वाले समाधान दिवस के बाद पालिका में भी नगरीय समस्या समाधान दिवस का आयोजन किया जाएगा। पालिका के सभागार में हर माह की एक तारीख को समाधान दिवस आयोजित होगा। जिसमें शहर के लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका निराकरण किया जाएगा। शिकायतकर्ताओं को यूनिक नंबर भी दिया जाएगा।

सेमिनार में व्यापारियों को बताए जीएसटी के फायदे

जीएसटी पंजीयन जागरुकता शिविर में समस्या बताते व्यापारी नेता।

महोबा। चरखारी बाईपास मार्ग स्थित वाणिज्यकर कार्यालय में बुधवार को जीएसटी पंजीयन जागरुकता सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्यकर जयप्रकाश ने कहा कि वाणिज्यकर विभाग जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी को बिना किसी शुल्क अदायगी के दस लाख के दुर्घटना बीमा का लाभ देता है। ऐसे में सभी व्यापारियों को जीएसटी पंजीयन कराना चाहिए।


सेमिनार में असिस्टेंट कमिश्नर व्यापारियों को जीएसटी से लाभ ने कहा कि एक जनवरी से गारमेंट्स, फुटवियर आदि कई वस्तुओं पर जीएसटी की दरों में परिवर्तन किया गया है। व्यापारियों को परिवर्तित दर के अनुरूप अपने समान का मूल्य जीएसटी जोड़कर निर्धारित करना चाहिए। साथ ही कम जीएसटी पर बिक्री न हो सके और व्यापारी जुर्माने आदि से बच सके। डिप्टी कमिश्नर राम प्रकाश व्यापारियों को जीएसटी से लाभ पांडेय ने जीएसटी की नई सरलीकृत प्रक्रिया के बारे में व्यापारियों को बताया।

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