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उत्तर अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौता

उत्तर अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौता

अमेरिका और कनाडा के बीच नाफ्टा समझौते को लेकर सहमति बनी

यह समझौता अमेरिका कनाडा और मेक्सिको तीनों ही देशों के उत्तर अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौता लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस डील के कारण तीनों देशों के बीच व्यापार और कर नियमों में बड़ी छूट मिलती है.

US, Canada reach trilateral trade pact with Mexico to replace NAFTA

अमेरिका और कनाडा के बीच 30 सितम्बर 2018 को नाफ्टा उत्तर अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौता समझौते (उत्तरी अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते) को लेकर सहमति बन गई. इस समझौते में मैक्सिको भी शामिल है.

नया समझौता ‘यूनाइटेड स्टेट्स-मैक्सिको-कनाडा संधि’ (यूएसएमसीए) करीब 25 साल पुरानी ‘उत्तरी अमेरिका मुक्त व्यापार संधि’ (नाफ्टा) की जगह लेगा. अमेरिका नवंबर 2018 के अंत में कनाडा और मैक्सिको के साथ नाफ्टा समझौता की जगह नई डील पर हस्ताक्षर करेगा जिसके बाद उसे स्वीकृति के लिए अमेरिकी कांग्रेस में पेश किया जाएगा.

समझौता से संबंधित मुख्य तथ्य:

• यह समझौता अमेरिका कनाडा और मेक्सिको तीनों ही देशों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस डील के कारण तीनों देशों के बीच व्यापार और कर नियमों में बड़ी छूट मिलती है.

• मेक्सिको और अमेरिका के बीच अगस्त में नाफ्टा उत्तर अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौता डील पर बात बन गई थी, लेकिन कनाडा इससे बाहर था.

• मेक्सिको, कनाडा और अमेरिका के बीच हुआ नाफ्टा व्यापार समझौता पूरी दुनिया के सबसे बड़े व्यापार समझौतों में से एक माना जाता है.

• इस समझौते के कारण इन तीनों देशों के बीच माल की ढुलाई पर लगने वाला कर समाप्त कर दिया गया.

• तीनों देशों के बीच मुक्त व्यापार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस समझौते में कई तरह की छूट दी गई हैं

नाफ्टा समझौता क्या है?

उत्तर अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौता (नाफ्टा) मेक्सिको, कनाडा और अमेरिका के बीच हुआ एक व्यापार समझौता है. यह समझौता वर्ष 1994 से प्रभाव में आया. इसे विश्व के सबसे बड़े और मुक्त व्यापार समझौता माना जाता है.

ट्रेडमार्क, पेटेंट और करंसी को लेकर तीनों देशों के बीच व्यापार को लेकर काफी सुगम नियम बनाए गए. इस कारण से इस व्यापार समझौते को अमेरिका के साथ कनाडा और मेक्सिको के लिए बहुत अहम माना जाता है.

इसे उत्तर अमेरिकी आर्थिक सहयोग समझौते के द्वारा अद्यतित किया गया, जिसने प्रदूषण को कम करने के लिए पर्यावरण विनियामकों की स्थापना में सहायता की.

इसका और अधिक अद्यतन उत्तर अमेरिकी श्रम सहयोग समझौते के रूप में किया गया, जिसके अन्तर्गत कर्मचारी बेहतर कार्य स्थितियों के लिए लड़ सकते थे. नाफ़्टा के कारण अमेरिका और मेक्सिको के बीच अप्रवासन में भी वृद्दि हुई है.

• समझौते के अनुसार, कनाडा अपना डेयरी बाजार अमेरिका के उत्पादकों के लिए खोलेगा जबकि अमेरिका ने ओटावा प्रांत की विवाद निपटान के प्रावधान संबंधी मांगों को छोड़ दिया.

• इस सहमति से मैक्सिको के राष्ट्रपति एनरिक पेना नितो का कार्यकाल समाप्त होने से पहले सभी पक्ष समझौते पर हस्ताक्षर कर सकेंगे. राष्ट्रपति एनरिक पेना नितो का कार्यकाल 01 दिसंबर 2018 को समाप्त हो रहा है.

संधि पर हस्ताक्षर:

अमेरिका के कानून के अनुसार, व्हाइट हाउस को किसी भी संधि पर हस्ताक्षर करने से 60 दिन पहले ही समझौते का दस्तावेज कांग्रेस में जमा करना जरूरी होता है. अमेरिका और मैक्सिको अगस्त 2018 में ही नये समझौते पर सहमत हो चुके थे.

भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर तीसरे दौर की वार्ता शुरू

नई दिल्ली, एजेंसी। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के अधिकारियों ने प्रस्तावित मुक्त व्यापार.

भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर तीसरे दौर की वार्ता शुरू

नई दिल्ली, एजेंसी। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के अधिकारियों ने प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते पर तीसरे दौर की वार्ता सोमवार को शुरू की। इस समझौते का मकसद दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापार और निवेश को गति देना है।

भारत का यूरोपीय संघ के साथ द्विपक्षीय व्यापार 2021-22 में 43.5 प्रतिशत बढ़कर 116.36 अरब डॉलर रहा। वर्तमान में अमेरिका के बाद यूरोपीय संघ भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापार भागीदार है। वहीं, भारतीय निर्यात का दूसरा सबसे बड़ा गंतव्य है। भारत और यूरोपीय संघ ने इस साल 17 जून को औपचारिक रूप से भौगोलिक संकेतक (जीआई) सहित प्रस्तावित भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और निवेश समझौते पर बातचीत फिर से शुरू की।

अधिकारी ने कहा कि यूरोपीय संघ का प्रतिनिधिमंडल तीसरे दौर की वार्ता के लिए यहां आया है। यह वार्ता नौ दिसंबर तक चलेगी। दोनों पक्षों के बीच दूसरे दौर की वार्ता ब्रसेल्स में हुई थी। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौते से भारत को वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात को बढ़ाने तथा उसे विविध रूप देने में मदद मिलेगी।

भारत, खाड़ी सहयोग परिषद के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत 24 नवंबर से होगी शुरू

भारत, खाड़ी सहयोग परिषद के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत 24 नवंबर से शुरू होगी. यह एफटीए वार्ता की एक प्रकार से बहाली होगी क्योंकि भारत और जीसीसी के बीच दो दौर की वार्ता 2006 और 2008 में हो चुकी है.

Updated: November 17, 2022 12:38 PM IST

भारत, खाड़ी सहयोग परिषद के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत 24 नवंबर से होगी शुरू

भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) दोनों क्षेत्रों के बीच आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने की खातिर मुक्त व्यापार समझौते पर 24 नवंबर को वार्ता की शुरुआत कर सकते हैं. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी.

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जीसीसी खाड़ी क्षेत्र के छह देशों सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन का संघ है.

एक अधिकारी ने बताया, ‘‘जीसीसी के अधिकारी वार्ता शुरू करने के लिए यहां आएंगे, इसकी शुरुआत 24 नवंबर से होगी.’’

भारत संयुक्त अरब अमीरात के साथ इस वर्ष मई में मुक्त व्यापार समझौता कर चुका है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 16 नवंबर को कहा था कि भारत अब नया मुक्त व्यापार समझौता शुरू करेगा.

यह एफटीए वार्ता की एक प्रकार से बहाली होगी क्योंकि भारत और जीसीसी के बीच दो दौर की वार्ता 2006 और 2008 में हो चुकी है.

भारत सऊदी अरब और कतर जैसे खाड़ी देशों से मुख्य रूप से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस का आयात करता है. वहीं मोती, बहुमूल्य रत्न, धातु, लोहा और इस्पात, रसायन आदि का भारत इन देशों को निर्यात करता है.

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार जीसीसी को भारत से किया जाने वाला निर्यात 2021-22 में 58.26 फीसदी बढ़कर करीब 44 अरब डॉलर हो गया. 2020-21 में यह 27.8 अरब डॉलर ही था.

भारत के कुल निर्यात में इन छह देशों की हिस्सेदारी 2021-22 में बढ़कर 10.4 फीसदी हो गई जो 2020-21 में 9.51 फीसदी थी. इसी प्रकार आयात भी 85.8 फीसदी बढ़कर 110.73 अरब डॉलर हो गया जो 2020-21 में 59.6 अरब डॉलर था.

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