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बांग्लादेश में वित्तीय नियम क्या हैं

बांग्लादेश में वित्तीय नियम क्या हैं
कैप्टन एसके सहगल पाकिस्तान के खिलाफ 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में शहीद हो गए थे। अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान का प्रदर्शन करने के लिए 1972 में उन्हें मरणोपरांत वीर चक्र से नवाजा गया।

भारत में माइक्रोफाइनेंस बांग्लादेश में वित्तीय नियम क्या हैं संस्थायें

माइक्रोफाइनेंस संस्थायें उन कंपनियों को कहा जाता है जो कि बांग्लादेश में वित्तीय नियम क्या हैं निम्न आय वर्ग के लोगों को अपना व्यवसाय लगाने के लिए सस्ती व्याज दरों पर ऋण उपलब्ध करातीं हैं I भारतीय रिज़र्व बैंक उन कंपनियों को माइक्रोफाइनेंस संस्थायें कहती है जो कि कंपनी एक्ट 1956 के अंतर्गत रजिस्टर्ड है और जिनकी कुल संपत्ति 5 करोड़ से कम है I

माइक्रोफाइनेंस कंपनियां कम आय वाले ग्राहकों को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराती है ताकि वे स्व-रोजगार के कार्यों को कर सकें| ये संस्थाएं घरेलु क्षेत्रों से छोटी-छोटी बचतों को जमा करके बड़े निवेश कर्ताओं को भी ऋण की आपूर्ति करतीं हैं I जिससे देश में बचत क्रियाओं को बढ़ावा मिलता है और देश में निवेश का माहौल पैदा होता है I
माइक्रोफाइनेंस क्षेत्र की पिछले कुछ दशकों में तेज़ी से वृद्धि हुई है। नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस को 1976 में ग्रामीण बैंक, बांग्लादेश की स्थापना के साथ आधुनिक एमएफआई की नींव रखने का श्रेय जाता है। आज यह एक जीवंत उद्योग के रूप में विकसित हुआ है जो व्यापार प्रतिमानों के कई रूपों को दर्शाता है | भारत में माइक्रोफाइनेंस संस्थाएं (एमएफआई) गैर सरकारी संगठनों (समाज या ट्रस्टों के रूप में पंजीकृत), धारा 25 कंपनियों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के रूप में मौजूद हैं। वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी), सहकारी समितियाँ और अन्य बड़े ऋणदाता एमएफआई के लिए पुनर्वित्त सुविधा प्रदान करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है।
माइक्रोफाइनेंस की मुख्य विशेषताएं:-
• उधार लेने वालों की अधिकत्तम संख्या कम आय वर्ग से होती है
• छोटी राशि के ऋण देना - सूक्ष्म ऋण
• छोटी अवधि के ऋण
• बिना किसी चीज को गिरवी रखे ऋण देना
• पुनर्भुगतान की अधिक आवृत्ति
• ऋण को आम तौर पर उत्पादन क्रियाओं के लिए देना

श्रीनिवासन के ICC में प्रतिनिधि बनने पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड मुस्तफा के अपमान का ले सकता है बदला

श्रीनिवासन के ICC में प्रतिनिधि बनने पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड मुस्तफा के अपमान का ले सकता है बदला

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड 2015 के वर्ल्ड कप में मुस्तफा कमाल के अपमान का बदला बीसीसीआई से ले सकता है, जिससे भरतीय बोर्ड को आईसीसी के सामने हार का भी समाना करना पड़ा सकता है. खबरों के अनुसार अगर बीसीसीआई एन श्रीनिवासन को अपने प्रतिनिधि के रूप में विश्व संस्था की बोर्ड बैठक में भेजने का फैसला करता है तो भारतीय क्रिकेट बोर्ड के आईसीसी में बांग्लादेश में वित्तीय नियम क्या हैं प्रस्तावित संवैधानिक और वित्तीय सुधारों को रोकने के कदम को करारा झटका लग सकता है.

ऐसी अटकलें लगाई जा रही बांग्लादेश में वित्तीय नियम क्या हैं हैं कि ज्यादातर राज्य इकाइयां बीसीसीआई की विशेष आम बैठक में श्रीनिवासन का समर्थन करेंगी जो 9 अप्रैल को प्रस्तावित है लेकिन इस कदम का मतलब है कि बांग्लादेश और श्रीलंका फिर भारत का समर्थन नहीं करेंगे.

बिजली मंत्रालय ने जारी किए नए नियम, इनके ऊपर से कम होगा वित्तीय दबाव

बिजली मंत्रालय ने जारी किए नए नियम, इनके ऊपर से कम होगा वित्तीय दबाव

बिजली मंत्रालय ने क्षेत्र को आर्थिक रूप से व्यावहारिक बनाने के लिए शनिवार को कुछ नए नियमों की घोषणा की। इन नियमों का मकसद बिजली क्षेत्र के विभिन्न अंशधारकों से वित्तीय दबाव को कम करना और ऊर्जा उत्पादन की लागत को जल्द निकालना है। एक बयान में कहा गया है कि मंत्रालय ने बिजली क्षेत्र में स्थिरता तथा स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन के लिए नए नियम अधिसूचित किए हैं। इनके जरिये भारत जलवायु परिवर्तन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को बांग्लादेश में वित्तीय नियम क्या हैं भी पूरा कर सकेगा। बयान में कहा गया है कि बिजली क्षेत्र के निवेशक और अन्य अंशधारक कानून में बदलाव की वजह से लागत निकालने, नवीकरणीय ऊर्जा में कमी और इससे जुड़े अन्य मुद्दों की वजह से चिंतित हैं।

वीर चक्र से सम्मानित की विधवा को 46 साल बाद मिला इंसाफ

Vir Chakra martyred husband widow wife got justice after 46 years

वीर चक्र से सम्मानित शहीद की विधवा को 46 साल के बाद न्याय मिला है। आर्म्ड फोर्सेस ट्रिब्यूनल (एएफटी) ने उसे वीर चक्र से सम्मानित की विधवा को मिलने वाली सभी वित्तीय सुविधाएं बहाल करने और बकाए का भुगतान करने का आदेश दिया है।

रक्षा मंत्रालय की खिंचाई करते हुए उस नीति को भी खारिज कर दिया है जिसके अनुसार शहीद की विधवा अगर उसके भाई के साथ शादी नहीं करती है तो उसकी सारी सुविधाएं रोक दी जाएंगी। ट्रिब्यूनल ने कहा है कि यह संविधान के अनुच्छेद 21 का बांग्लादेश में वित्तीय नियम क्या हैं उल्लंघन है।

एएफटी के आदेश के बाद जनक जैसी अन्य महिलाओं को भी राहत मिलेगी

जनक आनंद का केस लड़ने वाले वकील मेजर एसएस पांडे ने कहा कि इस मामले में सेना का नियम विचित्र है। शहीद की विधवा की शादी की सूरत में उसे फैमिली पेंशन तो मिलती रहती है लेकिन वीरता पुरस्कार से जुड़ी वित्तीय सुविधाएं बंद कर दी जाती हैं, लेकिन अब एएफटी के आदेश के बाद जनक जैसी अन्य महिलाओं को भी राहत मिलेगी।

दस फीसदी ब्याज के साथ मिलेगा बकाया
ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया है कि शहीद की विधवा को वीर चक्र विजेता को मिलने वाली सभी वित्तीय बकाया 10 फीसदी ब्याज के साथ वापस लौटाया जाए। बकाए का हिसाब उस दिन से लगाया जाएगा जिस दिन से वह इन सुविधाओं की हकदार थी।

बांग्लादेश के गृहमंत्री से अमित शाह ने की मुलाकात, पड़ोसी देश में हिन्दू मंदिरों पर हमले का उठाया मुद्दा

भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय बैठक में पड़ोसी देश में हिन्दू मंदिरों पर हमलों का मामला उठाया गया है। शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘नो मनी फॉर टेरर’ सम्मेलन के मौके पर बांग्लादेश के गृह मंत्री असदुज्जमां खान से मुलाकात की। इस दौरान बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों पर हमलों का मामला भी उठाया गया। इसके साथ ही भारत और बांग्लादेश सीमा के बीच बाड़ लगाने पर भी चर्चा हुई।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि हम ये मानते हैं कि आतंकवाद के खतरे को किसी धर्म, राष्ट्रीयता या समूह से नहीं जोड़ा जा सकता है और न ही इसे जोड़ा जाना चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि आतंकवाद का वित्तपोषण (टेरर फंडिंग) आतंकवाद से कहीं अधिक खतरनाक है। उन्होंने आतंकवाद को वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए सबसे गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि आतंकवादी को संरक्षण देना आतंकवाद को बढ़ावा देने के बराबर है।

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